निर्मल बैंक संचालक सहित तीन के खिलाफ प्रकरण दर्ज

कामठी। निर्मल अर्बन को-ऑप. बैंक के संचालक सहित तीन लोगों के खिलाफ जूनी कामठी थाने में प्रकरण दर्ज किया गया है। खाताधारक पिता-पुत्री के फर्जी हस्ताक्षर कर खाते से रकम निकालना, उनके नाम पर लोन लेना आदि गंभीर आरोप आरोपियों पर हैं। इसके पूर्व भी इस तरह का मामला नंदनवन थाने पहुंचा था। इस घटना से बैंक के अन्य धाताखारकों में अपनी रकम को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। 


दो चेक बुक दी, दोनों में से एक-एक चेक गायब : आरोपियों में निर्मल अर्बन को-ऑप बैंक के संचालक प्रमोद नत्थूजी मानमोड़े, प्रबंधक सचिन प्रकाशराव बोंबले और शैलेष कोचनकर हैं। पीड़ित खाताधारक करुणा युवराज वासनिक (40), रनाला, कामठी निवासी और उसके पिता सेवानिवृत्त वेकोलिकर्मी हैं। करूणा शराब व्यवसाई के यहां अकाउंटेंट है। उसकी निर्मल बैंक के कामठी शाखा के तत्कालीन प्रबंधक सचिन से पहचान हुई थी। ज्यादा ब्याज दर देने का झांसा देकर सचिन ने उसे निर्मल बैंक में एफडी बनाने के िलए कहा। झांसे में आई करुणा के 3.50 लाख की तीन एफडी खुद के नाम से और सेवानिवृत्ति के बाद पिता को िमली रकम से 5 लाख की एफडी पिता के नाम से बनाई। इस दौरान उसे और उसके पिता को बैंक से दो चेक बुक मिली, जिसमें से एक-एक चेक गायब था। सचिन का कहना था कि चेक एफडी में इस्तेमाल िकया गया है। उसी दौरान कामठी शाखा में घोटाला उजागर हुआ था। 


फर्जी हस्ताक्षर कर निकाल ली 

रकम : पीड़िता करुणा ने जब इस मामले की पड़ताल की, तो पता चला कि आरोपियों ने उसके और पिता के फर्जी हस्ताक्षर उनकी एफडी रद्द कर रकम निकाल ली है। उनके नाम पर लोन भी लिया गया है। यह भी पता चला कि खाताधारकों की रकम पर 3 से 3.50 करोड़ रुपए कर्ज लेकर संचालक का चुनाव लड़ा है। प्रकरण के तूल पकड़ने से करुणा के 3 लाख रुपए वापस किए गए, लेकिन 3 लाख रुपए अभी भी वापस िमलना बाकी हैं, जिससे मामला थाने पहुंचा। जांच-पड़ताल में धोखाधड़ी उजागर होने पर रविवार को प्रकरण दर्ज िकया गया। इस घटना से पूर्व भी कुछ खाताधारक संचालक पर धोखाधड़ी कर रकम गबन करने का आरोप लगा चुके हैं, जिसके चलते नंदनवन थाने में भी प्रकरण दर्ज िकया गया है। ताजा मामले से अब जूनी कामठी थाने में भी प्रकरण दर्ज हुआ है।

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