नागपुर/कामठी:
कामठी नगर परिषद चुनाव में 2 दिसंबर को हुए मतदान के दौरान सामने आई व्यापक अनियमितताओं, बोगस वोटिंग और नोटों के खेल को लेकर मामला अब बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच तक पहुंच गया है। बुधवार को उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की गई है, जिसमें कामठी नगर परिषद चुनाव को रद्द करने और दोबारा मतदान (Re-poll) कराने की मांग की गई है।
याचिका में दिए गए प्रमुख तर्क:
याचिकाकर्ताओं ने अदालत के सामने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। याचिका में निम्नलिखित प्रमुख घटनाओं का हवाला दिया गया है:
फर्जी मतदान और स्याही मिटाना: पूर्व मंत्री सुलेखा कुंभारे द्वारा सुनील अग्रवाल के फार्महाउस पर मारे गए छापे का जिक्र किया गया है, जहां मतदाताओं की उंगली से स्याही मिटाने का केमिकल और साहित्य बरामद होने का दावा किया गया था।
संदेहास्पद सामग्री की बरामदगी: पुलिस द्वारा एक वाहन (MH 40 AA 8191) से नकदी और चुनाव सामग्री जब्त करने की घटना को आधार बनाया गया है, जो मतदाताओं को प्रलोभन देने और बोगस वोटिंग की ओर इशारा करता है।
तिलकधारी स्कूल की घटना: तिलकधारी हिंदी प्राथमिक शाला में पकड़े गए फर्जी मतदाताओं और पुलिस द्वारा की गई गिरफ्तारियों को सबूत के तौर पर पेश किया गया है।
प्रत्याशी के साथ दुर्व्यवहार: नगराध्यक्ष उम्मीदवार अजय कदम के साथ चुनाव अधिकारी द्वारा किए गए कथित दुर्व्यवहार का भी उल्लेख किया गया है, जिसे प्रशासन का पक्षपाती रवैया बताया गया है।
स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का उल्लंघन:
याचिका में तर्क दिया गया है कि इन घटनाओं से यह स्पष्ट है कि कामठी में चुनाव 'स्वतंत्र और निष्पक्ष' (Free and Fair) वातावरण में संपन्न नहीं हुए हैं। इसलिए, लोकतंत्र की पवित्रता बनाए रखने के लिए 2 दिसंबर को हुई वोटिंग को रद्द किया जाना चाहिए और केंद्रीय बलों की निगरानी में दोबारा चुनाव कराए जाने चाहिए।
गौरतलब है कि हाई कोर्ट पहले ही मतगणना को 21 दिसंबर तक स्थगित कर चुका है। अब इस नई याचिका ने कामठी चुनाव के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल और गहरे कर दिए हैं। अदालत जल्द ही इस मामले पर सुनवाई कर सकती है।

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