कामठी नगर परिषद का ₹169.90 करोड़ का 'विजन बजट' पेश; बिना विरोध के सर्वसम्मति से पारित

 मध्य भारत टाइम्स


कामठी | २६ फरवरी २०२६: नगर परिषद चुनाव के बाद कामठी नगर परिषद ने वर्ष २०२६-२७ के लिए अपना पहला ऐतिहासिक बजट पेश किया है。 ₹169 करोड़ 90 लाख के इस बजट को नगर परिषद के हॉल में बिना किसी विरोध के एकमत से पास कर दिया गया。 नगर परिषद अध्यक्ष अजय अग्रवाल और मुख्याधिकारी विनोद जाधव ने इस बजट को कामठी के विकास का "विजन डॉक्यूमेंट" करार दिया है。

बैठक के दौरान उपाध्यक्ष परवीन तौसीफ खान, विपक्ष नेता काशीनाथ प्रधान और अन्य नगर सेवक प्रमुखता से उपस्थित थे。

बजट का वित्तीय ढांचा (२०२६-२७)

विवरणराशि (अनुमानित)
कुल बजट (आय)₹169.90 करोड़
कुल संभावित खर्च₹169.10 करोड़
सरकारी अनुदान (मदद)₹51 करोड़
नगर परिषद की अपनी आय₹18 करोड़
अनुमानित बचत (Surplus)₹80 लाख

बजट की १० बड़ी बातें: विकास और समाज कल्याण पर जोर

१. सामाजिक सुरक्षा के लिए ५% आरक्षण: बजट में महिला एवं बाल विकास, दिव्यांग नागरिकों और पिछड़ा वर्ग (SC/ST) के लिए कुल राशि का ५-५ प्रतिशत हिस्सा अलग से आरक्षित किया गया है。

२. डिजिटल इंडिया और ई-गवर्नेंस: नगर परिषद के कामकाज को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए १ प्रतिशत राशि ई-गवर्नेंस के लिए आवंटित की गई है。

३. युवाओं और छात्रों के लिए तोहफा: शहर में नई ई-लाइब्रेरी, अभ्यासिका (Study Room) और युवाओं के लिए जिम व खेल मैदानों (Sports Grounds) का विकास किया जाएगा。

४. महिला सशक्तिकरण: महिलाओं के लिए विशेष उद्योग प्रशिक्षण केंद्र, कंप्यूटर ट्रेनिंग और सुरक्षा व स्वास्थ्य संबंधी प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। साथ ही एक 'नमो गार्डन' भी बनाया जाएगा。

५. यातायात और पार्किंग: शहर में लगने वाले 'ट्रैफिक जाम' की समस्या से निपटने के लिए विशेष 'पार्किंग प्लाजा' के निर्माण की योजना है。

६. बुनियादी ढांचा और सुशोभीकरण: नई जल आपूर्ति योजना, नालियों का गहरीकरण व कंक्रीटीकरण, हुतात्मा स्मारक, धोबी घाट, और आंबेडकर स्मारक के सौंदर्यीकरण का प्रस्ताव शामिल है।

७. आवारा पशुओं पर लगाम: भटके हुए जानवरों (कुत्ते, गाय, भैंस) के बंदोबस्त के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही एक नया कचरा प्रबंधन प्लांट (Solid Waste Plant) भी लगाया जाएगा।

८. नई इमारतें और समुदाय भवन: नगर परिषद की नई आलीशान इमारत, अल्पसंख्यकों के लिए शादीखाना व कब्रिस्तान की दीवार, और वाल्मीकि व सुदर्शन समाज भवनों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा।

९. टैक्स में राहत और 'अभय योजना': पुराने बकाया टैक्स में छूट देने के लिए सरकार को 'अभय योजना' का प्रस्ताव भेजा गया है, जिससे नागरिकों को डिस्काउंट मिल सके。

१०. पट्टे और रजिस्ट्री प्रक्रिया: अजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि जिन नागरिकों को पट्टे (Pattas) मिले हैं, उनकी रजिस्ट्री और 'पीआर कार्ड' बनाने की प्रक्रिया सुलभ कर दी गई है。


आय बढ़ाने के लिए 'विशेष सर्वे' की तैयारी

मुख्याधिकारी विनोद जाधव ने बताया कि बजट में घाटे से बचने के लिए आय बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए शहर में एक विशेष सर्वे चलाया जाएगा, जिसमें छूटी हुई संपत्तियों (Properties) को टैक्स के दायरे में लाया जाएगा और नॉमिनल रेजिडेंशियल संपत्तियों को कमर्शियल में बदला जाएगा।



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