🛠️ आईटीआई फिटर: ड्रिलिंग ऑपरेशन (Practical Guide)
ITI प्रथम वर्ष के छात्रों के लिए विस्तृत प्रयोगात्मक मार्गदर्शिका
ड्रिलिंग आईटीआई फिटर ट्रेड का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। चाहे आप वर्कशॉप में जॉब बना रहे हों या किसी बड़ी इंडस्ट्री में काम कर रहे हों, सटीक ड्रिलिंग ही आपके काम की गुणवत्ता तय करती है।
1. ड्रिलिंग की परिभाषा
किसी भी धातु के वर्कपीस में ट्विस्ट ड्रिल (Twist Drill) नामक कटिंग टूल की सहायता से बेलनाकार (Cylindrical) छेद करने की प्रक्रिया को ड्रिलिंग कहा जाता है।
2. आवश्यक औजार एवं उपकरण (Tools)
• बेंच ड्रिलिंग मशीन
• सेंटर पंच (90°)
• बॉल पेन हैमर
• स्टील रूल और स्क्राइबर
• ड्रिल बिट (High Speed Steel)
• मशीन वाइस (Machine Vice)
3. महत्वपूर्ण सूत्र (Formula)
मशीन की गति (RPM) निर्धारित करने के लिए निम्न सूत्र का उपयोग करें:
$$V = \frac{\pi \times D \times N}{1000}$$
*जहाँ V = कटिंग स्पीड, D = ड्रिल का व्यास, N = स्पिंडल स्पीड (RPM)
4. कार्य विधि (Step-by-Step)
चरण 1: मार्किंग - जॉब की सतह पर नीली स्याही या चॉक लगाकर ड्राइंग के अनुसार मार्किंग करें।
चरण 2: पंचिंग - मार्किंग लाइन के कटाव बिंदु पर सेंटर पंच से गहरा निशान लगाएं ताकि ड्रिल बिट फिसले नहीं।
चरण 3: सेटअप - जॉब को मशीन वाइस में पैरेलल ब्लॉक्स की मदद से मजबूती से बांधें।
चरण 4: ड्रिलिंग - मशीन चलाएं और धीरे-धीरे फीड दें। बीच-बीच में कूलेंट का प्रयोग करते रहें।
⚠️ सुरक्षा सावधानियां (Safety)
- ड्रिलिंग के दौरान कभी भी हाथ में ग्लव्स (Gloves) न पहनें, ये ड्रिल में फंस सकते हैं।
- आँखों की सुरक्षा के लिए सेफ्टी गॉगल्स अनिवार्य हैं।
- चिप्स (बुरादा) साफ करने के लिए ब्रश का उपयोग करें, हाथ का नहीं।
- मशीन के पास ढीले कपड़े या आईडी कार्ड का पट्टा न लटकाएं।
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