मतदान के लिए छुट्टी न देने वाले प्रतिष्ठानों पर होगी कार्रवाई: 2 दिसंबर को मिलेगा सवैतनिक अवकाश या कार्य में देरी की छूट
नागपुर/मुंबई: राज्य के श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 2 दिसंबर को 246 नगर परिषदों और 42 नगर पंचायतों के चुनाव में मतदान करने वाले कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से अवकाश देना होगा। श्रम विभाग ने शुक्रवार को इस संबंध में परिपत्र जारी करते हुए चेतावनी दी है कि छुट्टी या ड्यूटी पर देरी से आने की अनुमति नहीं देने वाले प्रतिष्ठानों और कंपनियों के खिलाफ शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परिपत्र के अनुसार, इन नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव क्षेत्र के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को उनके मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए सवैतनिक अवकाश (Paid Leave) देना होगा। यह नियम तब भी लागू होगा जब संबंधित अधिकारी या कर्मचारी चुनाव क्षेत्र के बाहर कार्यरत हों, लेकिन वे उस निकाय के मतदाता हों।
यह छुट्टी सभी प्रतिष्ठानों, निजी कंपनियों, दुकानों, होटलों, रेस्टोरेंट, नाट्यग्रहों, आईटी कंपनियों, शॉपिंग सेंटर, मॉल, रिटेलर्स, व्यापारी और औद्योगिक उपक्रमों सहित अन्य संस्थानों के कर्मियों पर लागू होगी।
रियायत का प्रावधान:
केवल अपवादात्मक परिस्थितियों में—जहाँ कर्मी की अनुपस्थिति से बड़ा नुकसान होने की संभावना हो या सार्वजनिक सेवा प्रतिष्ठानों को पूरा दिन छुट्टी देना संभव न हो—संबंधित कर्मी को मतदान के लिए दो से तीन घंटे देरी से काम पर आने की विशेष रियायत देनी होगी, ताकि वे अपने मताधिकार का उपयोग कर सकें।

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